February 5, 2012
'अमृत तो नहीं मिल सकता है पर जिस तरह से तुम अपनी मृत्यु चाहते हो वह मांग सकते हो।‘इस पर उसने कुमारी कन्या से ही मृत्यु मांगी। वह सोचता था कि कोई भी कुमारी कन्या उसे नहीं मार सकती है।
‘भगवन आपकी शादी का शुभ मुहूर्त सुबह के पहले है। इसलिए वह सुबह के पहले ही शादी करें।‘शिवजी अपनी बारात लेकर सुचीन्द्रम नामक जगह पर रूके। सुबह के पूर्व उनके बारात लेकर शादी के लिए निकलने के पहले ही, नारद जी ने मुर्गे का रूप धारण करके बांग देना शुरू कर दिया। जिससे उन्हें लगा कि सुबह हो गयी है और महूर्त नहीं रहा। इसलिए वे शादी के लिए नहीं गये।
नेपोलियन की तलवार में जड़ा – भारतीय हीरा
इस चिट्ठी में रीजेंट हीरे की चर्चा है।यह चित्र पेरिस के लूवर संग्रहालय के इस...
नेपोलियन की तलवार में जड़ा – भारतीय हीरा
इस चिट्ठी में रीजेंट हीरे की चर्चा है।यह चित्र पेरिस के लूवर संग्रहालय के इस...
हमारे यहां भरतपुर से अधिक पक्षी आते हैं
इस चिट्ठी में, मथुरा में स्थित, इंडियन आयल रिफ़ाइनरी की चर्चा है। मथुरा में एक...
दूसरे ग्रहों पर जीवन, उन पर बसेरा – कल्पना आर्थर सी क्लार्क की
इस चिट्ठी में, 'डिसकवरी साइंस' (Discovery Science) चैनल पर आ रही 'प्रॉफेटस् ऑफ साइंस फिक्शन'...
महिलायें जमीन पर लोट रही थीं
इस चिट्ठी में, गोकुल-मथुरा में रमण रेती आश्रम की चर्चा है। रमण रेती पर बालू...
सौ साल पहले…
इस चिट्ठी में, आज के दिन सौ साल पहले साहस के कारनामे की चर्चा है।
This...
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ज्ञानवर्धक. सुचिन्द्रम में एक मंडप है. वहां बड़े खम्बों के साथ छोटे छोटे खंभे भी बने है. इन खम्बों को जलतरंग की तरह बजाय जा सकता है. बगल में हनुमान की विशाल प्रतिमा है जिसके मुह मं कुछ डालो तो गुदा मार्ग से बाहर आ जाता है. कन्याकुमारी के मूर्ती की सुन्दरता अतुलनीय है.