हिन्दी चिट्ठाकार उन्मुक्त की चिट्ठियाँ

जीवनी

क्या शून्य को शून्य से भाग देने पर एक मिलेगा

इस चिट्ठी में, रामानुजन के प्रारंभिक जीवन के बारे में, चर्चा है।रामनुजन के सम्मान में निकाल गया

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अनन्त का ज्ञानी – श्रीनिवास रामानुजन – भूमिका

श्रीनिवास रामानुजन – चित्र विकिपीडिया सेयह चिट्ठी  श्रीनिवास रामानुजन पर मेरी नयी श्रृंखला क

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जिम कॉर्बेट की कर्म स्थली – कुमाऊं

यह चिट्ठी हमारी कुमाऊँ यात्रा की भूमिका है।जिम कॉर्बेट रुद्रप्रयाग के आदमखोर तेंदुऐ को मारने क…

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जिम कॉर्बेट की कर्म स्थली – कुमाऊं

यह चिट्ठी हमारी कुमाऊँ यात्रा की भूमिका है।जिम कॉर्बेट रुद्रप्रयाग के आदमखोर तेंदुऐ को मारने क…

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दूसरे ग्रहों पर जीवन, उन पर बसेरा – कल्पना आर्थर सी क्लार्क की

इस चिट्ठी में, ‘डिसकवरी साइंस’ (Discovery Science) चैनल पर आ रही ‘प्रॉफेटस् ऑफ साइंस फिक्शन’ (Prophets of Science Fiction) श्रृंखला की आर्थर सी क्लार्क की कड़ी पर चर्चा है।
This post talks about the episode on Arthur C Clark on the ‘Prophets of Science Fiction’ TV series on ‘Discovery Science’.
is chitthie mein, ‘Discovery Science’ channel per aa rahi ‘Prophets of Science Fiction’ shrankhla kee arthur C clark per kari keee charchaa hai.

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विज्ञान कहानियों के पैगम्बर, कल की भविष्यदृष्टा – मेरी शैली

इस चिट्ठी में, ‘डिसकवरी साइंस’ चैनल पर आ रही ‘प्रॉफॅटस् ऑफ साइंस फिक्शन’ नामक श्रृंखला के साथ, इसकी मेरी शैली पर पहली कड़ी की चर्चा है।
This post talks about a new series ‘Prophets of Science Fiction’ on ‘Discovery Science’ along with its first episode on ‘Mary Shelly.
is chitthie mein, ‘Discovery Science’ channel per aa rahi ‘Prophets of Science Fiction’ namak shrankhla ke sath. iskee mary shelly per pahlee kari keee charchaa hai.

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स्टीव जॉबस्—कम्प्यूटर उपभोक्ता उत्पाद के पथ प्रदर्शक

स्टीव जॉबस् का चित्र विकिपीडिया सेयह चिट्ठी, स्टीव जॉबस् को श्रद्धांजलि है।इस चिट्ठी को आप सुन à…

रस्किन बॉन्ड – मथुरा में एक दिन, पूरे बनारसी जीवन पर भारी – मथुरा यात्रा

इस चिट्ठी में लेखक रस्किन बॉन्ड के बारे में चर्चा है। यह मेरी मथुरा यात्रा की भूनिका है।इस चिट्ठ…

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सफलता की सीढ़ी

यह पुस्तक पॉल ऍलेन की आत्मकथा ‘आइडिय मैनः अ मेमॉएयर बाइ द को-फॉन्डर ऑफ माइक्रोसॉफ्ट’ के बारे में है। yeh chtthi Paul Allen kee nayee aatma jeevane ‘Ideal Man: A Memoir by the Co founder of Microsoft’ ke baare mein hai. yeh {devanaagaree script (lipi)} me hai. This post is about a an autobiography ‘Ideal Man: A Memoir by the Co founder of Microsoft’ by Paul Allen. It is in Hindi (Devnagri script).

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मिस्टर व्हाई – यह कौन हैं

‘कोर्ट गर्डल, महानतम तर्क शास्त्री माने जाते हैं। इस चिट्ठी में,  उनकी जीवनी और उस पर लिखी दो पुस्तकों की चर्चा है। 
इस चिट्ठी को, सुनने के लिये यहां चटका लगायें। यह पॉडकास्ट ogg फॉरमैट में है। यदि सुनने में मुश्किल हो तो दाहिने तरफ का विज़िट,
मेरे पॉडकास्ट बकबक पर नयी प्रविष्टियां, इसकी फीड, और इसे कैसे सुने
देखें।

कोर्ट गर्डल पर बहुत सी पुस्तकें लिखी गयी हैं। इनमें से मैंने निम्न चार पुस्तकें पढ़ी हैं:

  1. Gödel: A life of Logic by John L Casti (गर्डल: ए लाइफ ऑफ लॉज़िक लेखक जॉन एल कास्टी)
  2. A world Without Time: The forgotten legacy of Gödel and Einstein by Polle Yourgrau (ए वर्ल्ड विथआउट टाइम: द फॉरगॉटन लेगसी ऑफ गर्डल एंड आइंस्टाइन लेखक पॉले योरग्रॉ)
  3. Gödel, Escher, Bach: An Eternal Golden Braid by Douglas R. Hofstadter (गर्डल, ऍशर, बाख: एन ईटर्नल गोल्डेन ब्रेड लेखक डगलस आर हॉफस्टैडर)
  4. The Emperor’s New Mind: Concerning Computers, Minds and The Laws of Physics (द एमपररस् न्यू माइंड: कंसर्निग कंप्यूटरस्‌, माइंडस् एण्ड द लॉज़ ऑफ फिज़िक्स  लेखक रॉजर पेनरोज)

आज हम पहली दो पुस्तकों के बारे में बात करेंगे।

गर्डल जिज्ञासू थे और वह मिस्टर व्हाई (Mr. Why) के नाम से जाने जाते थे। वे असामान्य प्रतिभा के धनी थे। वे एक शर्मीले युवक से एक ऎसे व्यक्ति बन गये जिनके साथ अधिकतर लोग रहना पसंद करते थे। लेकिन जीवन के अन्त में वे फिर अकेलेपन में डूब गये।

गर्डल ने ऍडेले (Adele) नामक एक तलाकशुदा महिला से शादी की। वह उनसे ६ साल की बड़ी थी और  कैबरे  (Cabaret) नृत्य करती थी। यह शादी उनके माता पिता को पसंद नहीं थी इसलिए गर्डल को शादी के लिए १० साल इन्तजार करना पड़ा। उनके कोई सन्तान नहीं हुई।

कोर्ट गर्डल और अर्लबट आइंस्टाइन पिछले शताब्दी के दो महानतम वैज्ञानिक थे। जीवन के अंतिम दिनो में, वे दोनो ही   इंस्टीट्यूट आफ एडवांसड स्टडीज़ (Institute of Advance Studies Princeton) चले गये थे। दोनो का स्वभाव एक दूसरे के विपरीत था। गर्डल थोड़ा निराशवादी और परेशान दार्शनिक  और  आइंस्टाइन मुक्त भावुक व्यक्ति थे।  लेकिन उन दोनों को एक दूसरे से शान्ति मिलती थी।  आइंस्टाइन  का कहना था कि,

‘इंस्टीट्यूट आफ एडवांसड स्टडीज़ में सबसे अच्छी बात यह है कि, इंस्टिच्यूट से वापस घर जाते समय, गर्डल और मेरा साथ रहता है।’

फ्रीमैन डाइसन जाने माने भौतिक शास्त्री हैं। वे इंस्टीट्यूट आफ एडवांसड स्टडीज़ के स्दस्य हैं। उनका कहना है कि,

‘Gödel was … the only one of our colleagues who walked and talked on equal terms with Einstein.’
हमारे साथ के लोगों में, केवल गर्डल ही था जो आइंस्टाइन के साथ चल सकता था और उनसे बराबरी पर बात कर सकता था।

गर्डल कुछ अजीब किस्म के व्यक्ति थे। उन्होंने अन्त में आत्महत्या कर ली। उनका आत्महत्या का तरीका भी एकदम अलग अपने अपूर्णनता सिद्धान्त की तरह। उनकी मृत्यु malnutrition के कारण हो गयी। वे जीवन के अन्त में अस्पताल में unitary tract की समस्या के लिये भरती थे। उन्होंने महीने भर खाना नहीं खाया। उनका कहना था कि डाक्टर उन्हें जहर दे कर मारना चाहते हैं।

इन दोनो पुस्तकों में गर्डल के बारे पर्याप्त सूचना है।  दूसरी पुस्तक में आइंस्टाइन के संबन्ध में भी कुछ सूचना है।

पहली पुस्तक में कुछ अध्याय, कृत्रिम बुद्धि (Artificial intelligence), सोचने वाली मशीन (Thinking machines), और जटिलता (complexity) के बारे में है। इसे उन लोगों के लिए समझना मुश्किल है जो विषय पर रूचि नही रखते है या जिनको इस क्षेत्र में कोई ज्ञान नहीं है। इसलिए यदि आप चाहें तो इन अध्याय को छोड़ सकते है पर यदि आपको तर्कशास्त्र या कम्पयूटर विज्ञान में रूचि है तब इन अध्यायों को अवश्य पढ़ें। बाकी अध्याय आसान हैं व आसानी से समझे जा सकते है।

दूसरी पुस्तक में, कुछ अध्याय गर्डल द्वारा समय के ऊपर किये गये काम के बारे में है। यह वास्तव में  मुश्किल है और पढ़ते समय यदि आप चाहें तो इनको छोड़ भी सकते है।

गर्डल ने एक बार कहा

‘We live in the World in which ninety-nine per cent of all beautiful things are destroyed in the bud.’
हम ऐसे संसार में रहते हैं जहां ९९ प्रतिश्त सुन्दर वस्तुएं शुरुवात में ही समाप्त हो जाती हैं।

मालुम नहीं क्यों मुझे लगता है कि यह हिन्दी चिट्टाजगत पर सही बैठता है। हम अच्छे लेख लिखने के बजाय, व्यर्थ की बात पर विवाद करते रहते हैं। 
गर्डल के अपूर्णनता सिद्धान्त के बारे में कुछ अन्य पुस्तकों की चर्चा – इस श्रंखला की अगली कड़ी में।

तू डाल डाल, मैं पात पात
भूमिका।। नाई की दाढ़ी को कौन बनाता है।। नाई, महिला है।। मिस्टर व्हाई – यह कौन हैं।। गणित, चित्रकारी, संगीत – क्या कोई संबन्ध है।।
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About this post in Hindi-Roman and English

yeh chitthi cyber apradh ki shrakhlaa kee kari hai. is chitthi mein Gödel  kee jeevani aut us per do pustkon kee charcha hai. yeh chitthi {devanaagaree script (lipi)} me hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.

This post is part of series on Cyber crimes. It talks about Gödel life and two books on him. It talks about whether Epimenides’ or liar’s paradox was sorted out in Pricipia Mathematica or not. It is in Hindi (Devnagri script). You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script.
सांकेतिक शब्द
। Kurt Gödel, Incompleteness theorems, Artificial intelligence,

 
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