मुक्त मानक और वामन की वापसी
TAGS: कानून | पुस्तक समीक्षा | सॉफ्टवेयर | हिन्दी इस चिट्ठी में चर्चा है कि हमें क्यों मुक्त सॉफ्टवेयर और मुक्त मानक का प्रयोग करना चाहिये।
This post in Hindi is about why we should use open formats.
hindi (devnagri) mein likhi is chitthi mein charcha hai ki hamen kyon mukt manak ka prayog krna cahiye.
केक खिलाना – क्या दोस्ती का हाथ है
TAGS: सॉफ्टवेयर | हिन्दी इस चिट्ठी में अन्दाज लगाया गया है कि क्या विंडोज़ और लिनेक्स पास आ रहे हैं।
This post wonders whether Windows and Linux are coming closer.
is chitthi mein andaj laagaya gaya hai ki kya windows aur linux paas aa rahe hain.
बीस साल पहले
TAGS: सॉफ्टवेयर | हिन्दी बीस साल पहले, आज के दिन लिनेक्स करनल प्रकाशित हुआ था। इस चिट्ठी में इसी की चर्चा है।
Twenty years ago, Linux kernel was posted on 25.8. 1991. This post talks about the same.
bees saal pahle, aaj ke din linux kernal prakashit hua tha. is chitthi mein isee kee charchha hai.
सरकार और न्यायालय भी समझने लगे मुक्त सॉफ्टवेयर का महत्व
TAGS: Add new tag | कानून | सॉफ्टवेयर | हिन्दी | Court | Government | Italy | law | Legal Information इस चिट्ठी में, इटली के संवैधानिक कोर्ट के, मुक्त सॉफ्टवेयर के बारे में निर्णय की चर्चा है। This post is about decision of constitutional court of Italy about Open source software. is chitthi mein italian samvaidhanik court ke mukt software ke nirnay ke baare mein charchaa hai.
हमने भगवान शिव को याद किया और आप मिल गये
TAGS: यात्रा विवरण | सूचना प्रद्योगिकी | सॉफ्टवेयर मनाली के एक साइबर कैफे में, हिन्दी को लेकर एक रोचक हादसा हो गया था। इसी की चर्चा इस चिट्ठी में है।
मनाली में जॉन्सन होटल है। इसके रेस्ट्रॉं में बढ़िया स्मोक्ड ट्राउट फिश मिलती है। हम लोग एक दिन वही दोपहर का खाना खाने गये। वहीं पर वेटर ने, साइबर कैफे का पता बता दिया था।
मैं अपनी पत्नी को रेस्ट्रॉं में छोड़ कर, साइबर कैफ़े में आ गया। जब मैं अपनी ईमेल देख रहा था तभी वहां एक विदेशी आया। उसने साइबर कैफ वाले से पूछा,
‘क्या स्काइप है?’
साइबर कैफे के मालिक के हामी भरने पर, विदेशी ने युरोप में किसी से स्काइप पर बात की, पैसा दिया, और चलते बना। मैं अपना काम समाप्त करके चलने को ही था तभी दो व्यक्ति वहां पर आये और साईबर कैफे के मालिक से पूछा,
‘मुझे अति आवश्यक संदेश हिन्दी में टाइप कराना है। क्या आप कर सकते है?’
साईबर कैफे के मालिक ने कहा,
‘न तो मैं हिन्दी में टाइप करवा सकता हूं न ही मैं मनाली में किसी ऐसे व्यक्ति को जानता हूं जो हिन्दी में टाइप कर सके।’
मैं उनकी बात सुन रहा था। मैनें कहा,
‘हिन्दी में टाइप करने में क्या मुश्किल है। यह तो बहुत ही आसान है।’
मैंने उन्हें आफलाइन हिन्दी में टाइप करने कैफे हिन्दी, और आन लाइन हिन्दी में टाइप करने के लिये, गूगल ट्रास्टलिट्रेशन की सलाह दी। कैफे हिन्दी डाउन लोड किया। उसे उनके कम्पूटर पर डाला। लेकिन वह चला नहीं। शायद मैथली जी कुछ प्रकाश डालना चाहें।
शब्दों के हिन्दी में बदलते ही उनके चेहरे प्रसन्नता से भर गये
मैंने गूगल ट्रांसलिटरेशन का पेज निकाला। उसमें टाइप करके बताया। जैसे ही मैंने अंग्रेजी में टाइप किया और वह हिन्दी में बदल गया, उनके चेहरे पर प्रसन्नता से भर गये। वे उत्साहित हो उठे। मैंने उनसे कहा,
‘आप खुद टाइप करें। मैं लिनेक्स में काम करता हूं। इसलिए मुझे गूगल ट्रांसलिटरेशन में काम करने की जरूरत नहीं पड़ती है। यही कारण है कि मैं इस पर ठीक से टाइप नहीं कर पा रहा हूं। आप ट्रायल, ऎरर से टाइप कर लें।’
वे लोग बहुत ही तेजी से टाइप करने लगे और उनका काम हो गया। उनमें से एक व्यक्ति नाम छोटे लाल था। वह इंजीनियर है और दिल्ली के बिहार भवन में कार्यरत है। उन्होने मुझसे बताया,
‘हम शिव भक्त हैं और हमारे शिव शिष्य परिवार नामक संस्था से जुड़े हैं। हमारे गुरू देव भी आये हैं। उन्हीं का संदेश टाइप करवाना था। आप हमारे गुरूदेव से मिल लीजिए और शिव भक्त बन जांए।’
मैंने कहा,
‘जैसे आप शिव भक्त है उसी तरह मैं हिन्दी का भक्त हूं । आप हिन्दी में टाइप न होने के कारण परेशान लग रहे थे। इसलिए मैने हिन्दी में टाइप करना आपको सिखा दिया। मेरे पास समय की कमी है। इसलिए आपके गुरूदेव से न मिल सकूंगा। इसके लिए आप मुझे माफ़ करें।’
बाहर निकलते समय दूसरा व्यक्ति आया उसने कहा,
‘आप क्यों नही शिव भक्त हो जाते हैं? यदि आप कहे तो मैं घोषणा कर दूं।‘
मैं अज्ञेयवादी हूं। न ही इन बातों में विश्वास करता हूं और न ही किसी ऐसी संस्था का सदस्य हूं। मुझे कुछ हिचक लग रही थी। वे इतने उत्साहित और खुश लग रहे थे कि मुझे लगा कि यदि मैं मना कर दूंगा तो वह दुखी हो जायेंगे। मैं चुप रहा। उसने मेरे मौन को हांमी समझ, मेरे नाम से घोषणा की, कि मैं शिव भक्त हो गया और कहा,
‘आप जब कभी मुश्किल में पड़े तो शिव को याद करियेगा। आपकी सारी मुश्किल दूर हो जायेगी। हमें हिन्दी में टाइप करने की मुश्किल थी। हमने भगवान शिव को याद किया। जैसे, उन्होंने आपको हमारी सहायता के लिए भेज दिया वैसे वे आपकी मुश्किल दूर करने के लिये किसी को भेज देंगे, या स्वयं दूर कर देंगे।’
साइबर कैफे मालिक भी प्रसन्न हो गये क्योंकि उसने भी कुछ नया सीखा। मैं चलने लगा तो उसने अपनी दुकान का कार्ड दिया। यह लोग स्पेशल टूर इंडिया के नाम से पर्यटन की कम्पनी भी चलाते हैं। मैं जब चलने लगा तो उसने मुझसे केवल दस रुपया लिया। मुझे लगा कि यह बहुत कम है। उसने कहा,
‘आपने मेरी सहायता की है और हिन्दी टाइप करना सिखाया है पर इस लिए मैं केवल दस रूपये ले रहा हूं। वैसे सही दाम ५० रुपया होता है।’
मुझे इस बात की प्रसन्नता हुई की मैं मनाली में भी हिन्दी की कुछ सेवा कर सका।
हम लोग, मनाली में स्टर्लिंग रिज़ॉर्ट में ठहरे थे। यह कुछ अलग तरह के होटेल हैं। इनके बारे में इस श्रंखला की अगली कड़ी में।
देव भूमि, हिमाचल की यात्रा
वह सफेद चमकीला कुर्ता और चूड़ीदार पहने थी।। यह तो धोखा देने की बात हुई।। पाडंवों ने अज्ञातवास पिंजौर में बिताया।। अखबारों में लेख निकले, उसके बाद सरकार जागी।। जहां हिन्दुस्तान और पाकिस्तान के बंटवारे की बात हुई हो, वहां मीटिंग नहीं करेंगे।। बात करनी होगी और चित्र खिंचवाना होगा – अजीब शर्त है।। हनुमान जी ने दी मजाक बनाने की सजा।। छोटे बांध बनाना, बड़े बांध बनाने से ज्यादा अच्छा है।। लगता है कि विंडोज़ पर काम करना सीख ही लूं।। हमने भगवान शिव को याद किया और आप मिल गये।। आप, क्यों नहीं, इसके बाल खींच कर देखते।।
हिन्दी में नवीनतम पॉडकास्ट Latest podcast in Hindi
सुनने के लिये चिन्ह शीर्षक के बाद लगे चिन्ह ► पर चटका लगायें यह आपको इस फाइल के पेज पर ले जायगा। उसके बाद जहां Download और उसके बाद फाइल का नाम अंग्रेजी में लिखा है वहां चटका लगायें।:
Click on the symbol ► after the heading. This will take you to the page where file is. his will take you to the page where file is. Click where ‘Download’ and there after name of the file is written.)
तू डाल डाल, मैं पात पात: ►
‘बुलबुल मारने पर दोष लगता है’ श्रृंखला के नाम का चयन कैसे हुआ: ►
यह पॉडकास्ट ogg फॉरमैट में है। यदि सुनने में मुश्किल हो तो दाहिने तरफ का विज़िट,
‘मेरे पॉडकास्ट बकबक पर नयी प्रविष्टियां, इसकी फीड, और इसे कैसे सुने‘
यात्रा विवरण पर लेख चिट्ठे पर अन्य चिट्ठियां
प्रकृति की गोद में तीन दिन – केरल यात्रा;
मस्ती भरा है समां – गोवा यात्रा संस्मरण;
पृथ्वी पर स्वर्ग – कश्मीर यात्रा;
दीवार तोड़ो, दिल जोड़ो: बर्लिन की यात्रा;
विश्व की संगीत राजधानी – वियाना।
About this post in Hindi-Roman and English
manali ke cyber cafe mein hindi ko lekae rochak hadsaa ho gayaa. tha is chitthi mein usee ke charchaa hai. yeh {devanaagaree script (lipi)} me hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.
There was an interesting incident regarding Hindi in cyber cafe in Manaali. This post idescribes the same. It is in Hindi (Devnagri script). You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script.
सांकेतिक शब्द
। Manali,hindi typing in windows,
। Himachal Pradesh,। Travel, Travel, travel and places, Travel journal, Travel literature, travel, travelogue, सैर सपाटा, सैर-सपाटा, यात्रा वृत्तांत, यात्रा-विवरण, यात्रा विवरण, यात्रा विवरण, यात्रा संस्मरण, मस्ती, जी भर कर जियो, मौज मस्ती, । Hindi, हिन्दी,
बकबक सुनना, हुआ आसान
TAGS: सॉफ्टवेयर | हिन्दी | hindi | podcast इस चिट्ठी में बताया गया है कि नये फायरफॉक्स में ऑग मानक की ऑडियो फाइलों के लिये समर्थन है और कैसे इन्हें सुना जा सकता है।
is chitthi mein btaayaa gyaa hai ki nye firefox mein ogg manaak ke liye smrthan hai aur kis prakaar isme ogg manak kee filon ko sunaa jaa sktaa hai.
This post explains that new firefox has support for ogg format and how can one hear audio files of ogg format in it.
जो वायदा किया, वो निभाना पड़ेगा
TAGS: दर्शन | पसन्द-नापसन्द | सूचना प्रद्योगिकी | सॉफ्टवेयर इस चिट्ठी में सॉफ्टवेयर फ्रीडम डे और लोकप्रिय ओपेन सोर्स सॉफ्टवेयर के बारे में चर्चा है।
‘अरे उन्मुक्त जी कौन सा वायदा, किसने किया, कब किया?’
अरे, वही वायदा, जो आपने, हिन्दी चिट्ठाजगत ने – अपने आप से किया था। आज सितम्बर माह का तीसरा शनिवार है। इस दिन प्रत्येक साल, सॉफ्टवेयर मुक्ति दिवस (Software Freedom Day) बनाया जाता है। याद नहीं, आपने वायदा नहीं किया था कि आज के दिन से, कम से कम, आप एक ओपेन सोर्स सॉफ्टवेयर का प्रयोग करना शुरू करेंगे। अरे इस दिवस के बारे में, मैंने पिछले सालों में, ‘आइम् लविंग इट‘ और ‘मुक्त सॉफ्टवेयर दिवस‘ शीर्षक से बताया था। लगता है कि आप भूल गये।
चलिये, कोई बात नहीं। मैं पुनः कुछ मुक्त सॉफ्टवेयरों के बारे चर्चा करता हूं जिन्हें आप बहुत आसानी से विंडोज़ पर इस्तेमाल कर सकते हैं। यह लिनेक्स पर भी चलते हैं। पहले आप इन्हें विंडोज़ पर प्रयोग कीजिये फिर जब मन आये तब लिनेक्स शुरू कर दीजियेगा। ठीक, अब वायदा पक्का, थम्ब प्रॉमिस (thumb promise), याद रखेंगे न।
सबसे पहले मॉज़िला के तीन बेहतरीन मुक्त प्रोग्राम के बारे में बात करते हैं। यह तीनो मॉज़िला पब्लिक लाइसेन्स, जो कि एक ओपेन सोर्स लाइसेन्स है, के अन्दर प्रकाशित हैं।
फायरफॉक्स: यह अन्तरजाल पर सबसे बेहतरीन वेब ब्रॉउज़र है। मैं सारे काम इसी पर करता हूं। अपने चिट्ठे, पॉडकास्ट इसी पर करता हूं। आपकी चिट्ठियां भी इसी पर पढ़ता हूं। इसमें पहले हिन्दी के साथ कुछ मुश्किल थी पर अब नहीं।
थंडरबर्ड: यह ई-मेल भेजने और प्राप्त करने के सॉफ्टवेर है। मैं आपकी ईमेल इसी पर प्राप्त करता हूं और इसी से आपको ईमेल लिखता हूं। इसमें चिट्ठों की आरएसएस फीड भी स्थापित की जा सकती है। मैंने पहले इसी पर फीड स्थापित कर चिट्ठों को पढ़ता था।
सनबर्ड: यह ई-मैनेजर है। यह आपको प्रिय जनों का जन्मदिन, शादी की सालगिरह की याद दिलाता है। मैंने अपने मित्रों, सहयोगियों का जन्मदिन, शादी की सालगिरह इसी पर नोट कर रखी है। उन्हें हमेशा आश्चर्य होता है कि मैं कैसे उन सब का जन्मदिम और शादी की सालगिरह याद रखता हूं। बस, इसका यही राज है। इसे आप अलग से या फिर थंडरबर्ड या फायरफॉक्स के साथ स्थापित कर चला सकते हैं। मैंने इसे थंडरबर्ड के साथ स्थापित कर रखा है।
मैं कार्यलाय से संबन्धित सारे कार्य ओपेनऑफिस डाट कॉम के आफिस स्वीट में करता हूं।मुझे इसमें या एमएस वर्ड में कोई अन्तर नहीं लगता यह उतना ही अच्छा है। बस इसका फायदा यह है कि यह मुफ्त है। इसमें कई प्रोग्राम हैं
राइटर: इसका प्रयोग मैं लिखने के लिये करता हूं। मैं अपनी सारी चिट्ठियां, समय की सुविधा के अनुसार ऑफलाइन पर लिख लेता हूं। इसके बाद धीरे धीरे कड़ियों पर उन्हें अपने चिट्ठों पर डालता हूं। इसमें एक बेहतरीन सुविधा है कि यह न केवल आपकी फाइलों को पीडीएफ मानक में बदल सकता है पर यह पीडीऐफ फाइलों को संशोधित भी कर सकता है। मेरा काम लिखने से संबन्धित है। यह सारे मैं इसी पर करता हूं। मैंने कुछ पुस्तकें अंग्रेजी में लिखी हैं। सौभाग्य से इनके कई संस्करण भी निकलें हैं। यह सारे मैंने इसी पर किये हैं। मुझे इसमें कभी भी कोई मुश्किल नहीं हुई। यह डिफॉल्ट में मुक्त मानक में फाइलों को सुरक्षित करता है। लेकिन आप चाहें तो किसी भी अन्य मानक या एमएस वर्ड के डिफॉल्ट मानक डॉक पर भी फाइलें सुरक्षित कर सकते हैं। आप अपने एमएस वर्ड पर काम करने वाले मित्र को उसी के मनचाहे मानक पर फाइलें भेज सकते हैं या फिर उनसे सन-माइक्रोसिस्टम का यह मुफ्त प्लग-इन डाउनलोड कर अपने एमएस वर्ड के प्रोग्राम में स्थापित करने के लिये कह सकते हैं ताकि यह मुक्त मानक की फाइलों को पढ़ सकें।
इम्प्रेस: मुझे अकसर सम्मेलन में या फिर विद्यार्थियों के बीच बोलने का मौका मिलता है। मैं प्रस्तुतिकरण (presentation) के लिये इसी का प्रयोग करता हूं। मेरे सुनने वालों ने कभी नहीं कहा कि मेरा प्रस्तुतिकरण किसी प्रकार भी पावर पॉइंट पर बने प्रस्तुतिकरण से कम अच्छा है। मैं सुविधा के लिये अपने प्रस्तुतिकरण की एक फाइल पीपीटी मानक और पीडीएफ मानक पर भी बना कर ले जाता हूं। यह सुविधा भी इसमें है।
इसके अतिरक्त कार्यालय के अन्य तरह के काम करने के लिये चार अन्य प्रोग्राम, मैथ, कैल, ड्रॉ, और बेस भी हैं। जिन पर बाकी सारी तरह की फाडलें बना सकते हैं। मुझे उनका प्रयोग करने की जरूरत नहीं पड़ती है। इसलिये मैं उनके बारे में नहीं लिख पा रहा हूं। आप लिख सकतें हों तो क्या बात है।
मल्टीमीडिया और चित्रों के लिये ओपेन सोर्स में बेहतरीन प्रोग्राम हैं।
वीएलसी मीडिया प्लेयर और एमप्लेयर: आप इन दोनो प्रोग्राम में ऑडियो और वीडियो के प्रत्येक प्रकार के मानकों की फाइलों को सुन सकते हैं। मैं इसी पर सुनता या देखता हूं।
ऑडेसिटी: इस प्रोग्राम में, ऑडियो फाइलों को सुना, संपादित, और रिकॉर्ड किया जा सकता है। मैं अपनी बकबक (मेरे पॉडकास्ट), इसी पर रिकॉर्ड करता हूं। इसमें एमपी-३ पइलों के लिये प्लग-इन डालना होता है। यह करने में कोई मुश्किल नहीं होती है। आप एमपी-३ मानक में भी रिकॉर्ड कर सकते हैं। किसी भी मानकों की फाइलों को दूसरे मानक में बदल सकते हैं। मैं अपने पॉडकास्ट ऑग मानक पर रिकॉर्ड करता हूं। पॉडभारती में मेरे दो पॉडकास्ट ‘स्कॉट की अन्तिम यात्रा‘ और ‘पापा क्या आप उलझन में हैं‘ को पुनः यहां और यहां प्रकाशित किया है। वे एमपी-३ मानक में हैं। मेरे विचार से यह उन्होंने, इसी प्रोग्राम का प्रयोग कर किया है।
गिम्प: इस प्रोग्राम का प्रयोग चित्रों को संपादित करने के लिये कया जाता है। इसमें आप चित्रों सम्पादित और उनका पिक्सल कम कर सकते हैं। चिट्ठों पर चित्र डालते समय उन्हें अक्सर सम्पादित करना पड़ता है। क्योंकि यदि चित्र के किसी भाग का महत्व उस चिट्ठी के लिये नहीं है तो उसे रखने की कोई जरूरत नहीं। चिट्ठों पर चित्रों को हमेशा पिक्सल कम करके डालना चाहिये। इससे चिट्ठा और वह चिट्ठी दोनो जल्दी लोड होती हैं। यह काम मैं इसी पर करता हूं।
यदि आप और मुक्त सॉफ्टवेयर के प्रोग्रामों के बारे में जानना चाहें तो आप मेरी बिटिया को लिखी चिट्ठी ‘ओपेन सोर्स की पाती – बिटिया के नाम‘ पर या फिर ‘वेलेंटाइन दिवस, ओपेन सोर्स के साथ मनायें‘ चिट्ठी पर पढ़ सकते हैं।
‘उन्मुक्त जी, जब बाज़ार में सारे प्रोग्राम दस रुपये की सीडी में मिल जाते हैं तो फिर ओपेन सोर्स के टंटे करने का क्या फायदा?’
सवाल तो वाज़िफ है। मैं जवाब देने की कोशिश करता हूं।
मैं लिनेक्स और ओपेन सोर्स प्रोग्राम का प्रयोग इसलिये करता हूं क्योंकि मैं चाहता हूं सब इनका प्रयोग करें। यह धुर सत्य है, आप जैसी दुनिया चाहो, वैसा स्वयं बनो।
महात्मा गांधी ने एक बार कहा, ‘साधन, अन्त से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।’ यह बात यहां भी लागू होती। इसके लिये मैं उलझन में नहीं रहता।
न केवल बच्चे, पर हम सब व्यवहार से सीखते हैं न कि उपदेश से। इस पर काम करने से ‘एक घन्टा, एक मिनट लगता है‘
इनका प्रयोग करने के कारणों में, सबसे मुख्य बात यह है कि इनका प्रयोग करने में कॉपीराइट का उल्लंघन नहीं होता और यह मुफ्त हैं। इसका प्रयोग आप अपनी अन्तरात्मा को बिना गिरवी रखे कर कर सकते हैं।
आपने पंचतंत्र की कछुवा और खरगोश की कहानी तो सुनी होगी। इसमें, आजकल बदलाव हो हो गया है। यह बदलाव ओपेन सोर्स के करीब है। आपको नहीं मालुम तो यहां पढ़ लीजिये।
यही वह जगह जहां पेंग्युन भी उड़ सकती हैं।
आपको तो मालुम ही है कि ओपेन सोर्स सॉफ्टवेयर का सबसे जाना माना प्रोग्राम लिनेक्स है और इसे प्रयोग करने वाले पुरुष तो खास होते हैं। वे न केवल जोशीले और उत्साही होते हैं पर उन्हें महिलायें भी अधिक पसन्द करती हैं। पुरुष पाठक समय न गवायें, तुरन्त खुद ही यहां पढ़ें।
क्या कहा, आप पुरुष नहीं, महिला हैं। कोई बात नहीं। अब वह सुबकने वाली, पुरुषों का साया ढ़ूढ़ने वाली महिला कहां रह गयी है। महिला तो आज की दुर्गा है उसका सशक्तिकरण हो चुका है। वे पुरुषों से किसी क्षेत्र में कम नहीं, फिर देर किस बात की – शुरू करिये प्रयोग करना ओपेन सोर्स के प्रोग्राम।
मैं जानता हूं कि आप यहां ओपेन सोर्स का भाषण सुनने नहीं आये हैं। आप तो आये हैं ताजमहल के प्यारे से गाने को सुनने के लिये जो इस चिट्ठी का शीर्षक है। लीजिये वह भी सुन लीजिये। लेकिन इस गाने कुछ को इस तरह से समझियेगा,
जो वायदा किया, वो निभाना पड़ेगा।
रोके तुम्हारा डर चाहे,
तुमको मुक्त सॉफ्टवेयर प्रयोग करना पड़ेगा
हो वायदा किया है तुमने,
मुक्त सॉफ्टवेयर प्रयोग करने का।
वह वायदा तो तुम्हें निभाना पड़ेगा, निभाना पड़ेगा।
जब आप में से अधिकांश यह चिट्ठी पढ़ रहे होंगे तो मैं अपने कस्बे से दूर, कुछ दिनो तक हिमाचाल, हरियाणा, और पंजाब के दौरे पर रहूंगा। मेरा अपने आप से वायदा है कि मैं लैपटॉप न ले जाउं और इस काल्पनिक दुनिया से दूर रहूं। देखता हूं कि इसमें सफल रहता हूं कि नहीं।
मेरी ‘केरल यात्रा‘ एवं ‘डार्विन, विकासवाद, और मज़हबी रोड़े‘ श्रंखलायें समाप्त हो रही हैं। बहुत जल्द, मैं आपको नयी श्रंखलाओं पर ले चलूंगा। इनमें से एक ऐसे उपन्यास और उससे जुड़ी कहानियों के बारे में है जो न केवल २०वीं शताब्दी के उत्कृष्ट अमेरिकन साहित्य में गिना जाना जाता है पर, मेरी बिटिया के अनुसार, जिसे अमेरिका के कॉलेज जाने वाले प्रत्येक विद्यार्थी ने कम से कम एक बार पढ़ा है। दूसरा हो सकता है कि मैं आपको कुल्लू मनाली की यात्रा पर ले चलूं।
मुक्त सॉफ्टवेयर से संबन्धित अन्य चिट्ठियां
तो क्या खिड़की प्रेमी ठंडे और कठोर होते हैं?
जाने क्यों लोग मोहब्बत किया करते हैं;
ओपेन सोर्स की पाती – बिटिया के नाम;
वेलेंटाइन दिवस, ओपेन सोर्स के साथ मनायें;
मुक्त मानक क्यों उचित साधन हैं;
मुझे लिनेक्स से क्यों प्यार है;
तुम जियो हज़ारों साल, साल के दिन हो हज़ार;
सूरत भी है, खूबसूरत भी है;
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पापा, क्या आप उलझन में हैं;
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About this post in Hindi-Roman and English
is post per software freedom day or lokpriya open source program ke baare mein charchaa hai. kumarkom mein pkshishaala hai. yeh hindi (devnaagree) mein hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.
This post is about software freedom day and popular open source programme. It is in Hindi (Devanagari script). You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script.
सांकेतिक शब्द
software freedom day,Free software, information , Information Technology, Intellectual Property Rights, information technology, Internet, Internet, Open source software, software, software, technology, technology, Technology, technology, technology, Web, आईटी, अन्तर्जाल, इंटरनेट, इंटरनेट, ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर, टेक्नॉलोजी, टैक्नोलोजी, तकनीक, तकनीक, तकनीक, सूचना प्रद्योगिकी, सॉफ्टवेयर, सॉफ्टवेर,
इंटरनेट (अन्तरजाल) का प्रयोग – मौलिक अधिकार है
TAGS: कानून | सॉफ्टवेयर | Declaration of the Rights of Man and of the Citizen | Information Technology | Internet | law | Presumption of innocence | Technology | web yeh chitthi French Constitutional council ke dvaara three strike kanoon ke khilaaf diye gaye phasle ke baare mein hai.
This post is about the decision of French Constitutional council holding three strike law as illegal.
यह चिट्ठी फ्रांस के कॉन्स्टिट्यूशनल काउंसिल के द्वारा थ्री स्ट्राइक कानून के खिलाफ दिये गये फैसले के बारे में है।